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कीर्ति त्यागी

Romance

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कीर्ति त्यागी

Romance

ये बारिश तेरे नाम कर दूं

ये बारिश तेरे नाम कर दूं

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बरस रही है अनगिनत बारिश की ये बूंदें चल आ आज ये हसीं काम कर दूं ,

छू कर तेरे लबों को आज की बारिश तेरे नाम कर दूं ,


उड़ते हुए आंचल को आज यूं ही उड़ने दो क्यों न इन हवाओं पर भी तेरा नाम लिख दूं ,

चूम लेना मेरे माथे को तो मैं भी एक हंसी खता तेरे नाम कर दूं ,


बरसात में इस कदर महक रही है सांसे चल उन सांसों को तेरे नाम कर दूं ,

इत्र सा महका है इस बारिश में चल ना उस इत्र की खुशबू तेरे नाम कर दूं ,


सुलगते हुए इस मौसम में बरसात को होने दो चल ना चाय की टपड़ी पर तुझ से एक मुलाकात कर लूं ,

कुछ तुम अपनी कहना कुछ मैं अपनी सुना कर फिर एक शाम तेरे ही नाम कर दूं ,


कितनी हसीं ये बारिश है चल ना एक सफ़र तय बस तेरे साथ कर लूं ,

थाम लेना मेरा भी हाथ और मैं तेरे कांधे पर सर रख सुकून की एक रात अपने नाम कर लूँ,


कुछ सौगातें मिली है चल इस बारिश में तुझसे उनमें हिस्सेदारी कर लूं ,

संभाल लेना मेरे इन अश्कों को और बिन कहे ही मैं तुझे सब समझा दूं ,


चाहती हूं ये बरसात कभी खत्म न हो चल कुछ ऐसी एक योजना बना दूं ,

कुछ तुम दुआ करना कुछ मैं भी उन दुआओं में तुझे मांग लूं ,


दिल जलाती इस बारिश में कुछ ऐसा काम चल मैं कर दूँ ,

लिखे तू कोई धुन आज फिर और मैं फिर से गुनगुना दूँ,


तेरी मेरी चाहतों की ये बारिश है चल कुछ ऐसी यादें डायरी के पन्नों के नाम कर दूं ,

जब न आए ये बारिश निर्मोही तो कुछ पल उस डायरी के साथ ही गुज़ार लूं ,


ना जाना कि बारिश अभी बाकी है तेरी मेरी एक और मुलाकात अभी बाकी है ,

तेरा मेरा मिलना संभव तो‌ नहीं हां पर कितनी ही मुलाकातें ख्वाबों में अभी बाकी है ,


हां बरस रही है बूंदें



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