STORYMIRROR

Arvina Ghalot

Romance

4  

Arvina Ghalot

Romance

यादों की कंदीले

यादों की कंदीले

1 min
231

चांद उतरा जमीं पर वही ठिठक गया 

जुगनुओं का उजाला झुरमुट में बिखर गया 


झील के शांत किनारे पर तुम्हारी यादें ताजा है

वो खिल खिला कर हंसना मेरे दिल में दहक गया 


तुम इबादत की तरह हरदम होंठों पर रहती हो

 उफ़ तक ना कहती हो दिल चटक कर रह गया


साथ उम्र भर ना सही मुझे कोई ग़म नहीं है

पल दो पल ख्यालों में आकर ही तू बसर गया 


एक बार दिल से याद करना तुम्हारा 

मेरे दिल की कंदीलों को रोशन कर गया


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance