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Arvina Ghalot

Romance

4  

Arvina Ghalot

Romance

यादों की कंदीले

यादों की कंदीले

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चांद उतरा जमीं पर वही ठिठक गया 

जुगनुओं का उजाला झुरमुट में बिखर गया 


झील के शांत किनारे पर तुम्हारी यादें ताजा है

वो खिल खिला कर हंसना मेरे दिल में दहक गया 


तुम इबादत की तरह हरदम होंठों पर रहती हो

 उफ़ तक ना कहती हो दिल चटक कर रह गया


साथ उम्र भर ना सही मुझे कोई ग़म नहीं है

पल दो पल ख्यालों में आकर ही तू बसर गया 


एक बार दिल से याद करना तुम्हारा 

मेरे दिल की कंदीलों को रोशन कर गया। ‌


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