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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Drama Tragedy

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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Drama Tragedy

याद मुझको तेरी आवे

याद मुझको तेरी आवे

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याद मुजझको तेरी आवे,

धड़ी धड़ी पल पल कछु न सुहावे।

याद मुजझको तेरी आवे।


सूनी लगती है वृज़की गलियाँ,

ढुंढती हुं बनके मै बावरीया।

मनवा मेरा चैन न पावे,

याद मुझको तेरी आवे।


शरद की रजनी में तूने बुलाया,

रासमें हमको तुने नचाया।

हमें छोड़ तुम क्युं छूप ज़ाये,

याद मुझको तेरी आवे।


अखियां तरसे, ज़ियरा तड़पे,

मनवा तेरे मिलनको तलसे।

तेरी पूकार हम दिलसे लगाये,

याद मुझको तेरी आवे।


तेरी सूरत हम कब देख पावे,

"मुरली" धून कैसे सून पावे।

कब आके महारास में नचावे,

याद मुझको तेरी आवे।


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