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Aishani Aishani

Tragedy

4  

Aishani Aishani

Tragedy

वो नज़र...!

वो नज़र...!

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उनको तो जाना था सबको छोड़ चली गई

ख़ामोशी से चिरनिंद्रा के आग़ोश में सो गई 

पर... 

जाते जाते उनकी वो नज़र

 कुछ तलाशती रही

शायद.. 

दया / 

प्रेम / 

अपनत्व /

 परवाह / 

उलझनों से आजादी

या फिर.. 

भूख की गोली / 

उसकी मिठी बोली / 

सुकूँ की नींद

कुछ भी पर क्या कोई समझ नहीं सका

और वो...

चुपचाप.. 

तड़पते हुए तिल तिल कर 

चिरनिद्रा के आग़ोश में...!! 



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