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Aishani Aishani

Action Fantasy

3  

Aishani Aishani

Action Fantasy

शिखर..!

शिखर..!

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शिखर पर जा कर

कहीं अभिमान ना आ जाए

कदम कहीं डगमगा गये तो...? 

फिर क्या करूँगी

कहाँ जाऊँगी..? 

इसलिए... 

सिफ़र पर हूँ

रहने दो

अभिमान रहित होकर

चलने का हुनर 

सीखती तो रहूँगी.. 

हूँ..!! 



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