Aishani Aishani
Action Fantasy
शिखर पर जा कर
कहीं अभिमान ना आ जाए
कदम कहीं डगमगा गये तो...?
फिर क्या करूँगी
कहाँ जाऊँगी..?
इसलिए...
सिफ़र पर हूँ
रहने दो
अभिमान रहित होकर
चलने का हुनर
सीखती तो रहूँगी..
हूँ..!!
केवल आप ही पा...
तुम सूरज सा ब...
रूप का चाँद.....
लिखना चाहती ह...
भूल गई हूँ..!...
धारा के विरुद...
तुम्हारी पसन्...
शिखर..!
सुनो राम..!
उसने ख़ुद को ...
अद्भुत बालक क्रूर दानवता की दुष्ट प्रवाह पर प्रहार शिवा सत्य सत्यार्थ।। अद्भुत बालक क्रूर दानवता की दुष्ट प्रवाह पर प्रहार शिवा सत्य सत्यार्थ।।
तुम्हें पता नहीं यारों, तभी तो फौजी कहलाता हूँ। तुम्हें पता नहीं यारों, तभी तो फौजी कहलाता हूँ।
व्याधियां प्रदत्त सूक्ष्म जीवों से, मानव पर तो हैं ढा रहीं प्रलय। व्याधियां प्रदत्त सूक्ष्म जीवों से, मानव पर तो हैं ढा रहीं प्रलय।
यह कश्मीर तो ना देंगे हम वह कश्मीर भी ले लेंगे इस धरती मैया की खातिर जान भी अपनी दे दे यह कश्मीर तो ना देंगे हम वह कश्मीर भी ले लेंगे इस धरती मैया की खातिर जान भी अ...
ये ढूंढ रहे किसको जग में शामिल तो हूँ तेरे रग में, तेरा ही तो चेतन मन हूँ क्यों ढूंढे ये ढूंढ रहे किसको जग में शामिल तो हूँ तेरे रग में, तेरा ही तो चेतन मन हूँ क्य...
मर्यादा मर रही प्रतिदिन अत्याचार, अन्याय, भय, भ्रष्टाचार पर्याय युवा बन रहा है मर्यादा मर रही प्रतिदिन अत्याचार, अन्याय, भय, भ्रष्टाचार पर्याय युवा बन रह...
ख़ामोशी भी दिले यार का दिया तोहफ़ा होती है। सजा जैसी ज़िंदगी लगती है गर बात ना होती है ख़ामोशी भी दिले यार का दिया तोहफ़ा होती है। सजा जैसी ज़िंदगी लगती है गर बात न...
मुझे संघर्ष एवं संभावनाओं की असीमितता पर मुझे संघर्ष एवं संभावनाओं की असीमितता पर
मैं तुम्हारे वास्ते उस फौजी के टुकड़े चुन लाया हूँ। मैं तुम्हारे वास्ते उस फौजी के टुकड़े चुन लाया हूँ।
दाने दाने को मर रहा आपका परिवार है। ये कैसे कश लगाते हो? दाने दाने को मर रहा आपका परिवार है। ये कैसे कश लगाते हो?
सब को आँचल की छाया में बिठाकर, खुद सहती है धूप सब को आँचल की छाया में बिठाकर, खुद सहती है धूप
छापली थी, मुगल छावनी, दिवेर से, जीत की शुरुआत हुई । घोड़े समेत , बहलोल खाँ को चीरा, वीर प्रताप की ... छापली थी, मुगल छावनी, दिवेर से, जीत की शुरुआत हुई । घोड़े समेत , बहलोल खाँ को च...
सरहद चाहे देशों के बीच हो या दिलों के बीच, इंसान की ही बनाई हुई होती हैं। सरहदों का मतलब और मकसद ही ... सरहद चाहे देशों के बीच हो या दिलों के बीच, इंसान की ही बनाई हुई होती हैं। सरहदों...
सब मिलकर भरते रहे उसमें पूरा जोश उसको अपने कर्म का किंतु तनिक रहा न होश सब मिलकर भरते रहे उसमें पूरा जोश उसको अपने कर्म का किंतु तनिक रहा न होश
पहचान मुझे तुम क्या दोगे मैं ख़ुद अपनी पहचान हूँ, पहचान मुझे तुम क्या दोगे मैं ख़ुद अपनी पहचान हूँ,
जिंदगी अपने सारे माँ भारती तेरे आँचल में ही मैं गुजार दूँ। जिंदगी अपने सारे माँ भारती तेरे आँचल में ही मैं गुजार दूँ।
कोई दवा मिलती ही नहीं, मैं रो पड़ता हूं। मैं लिखता हूं, मिटाता हूं। कोई दवा मिलती ही नहीं, मैं रो पड़ता हूं। मैं लिखता हूं, मिटाता हूं।
जब अचानक से लड़कियों की शिक्षा लेकर मची थी क्रांति और लोग बंद करने लगे थे जब अचानक से लड़कियों की शिक्षा लेकर मची थी क्रांति और लोग बंद करने लगे थे
अटल विचार है व्यवहार है जेठ की भरी दोपहरी के बिहारी प्रज्वलित मशाल है। अटल विचार है व्यवहार है जेठ की भरी दोपहरी के बिहारी प्रज्वलित मशाल है।
हम सब कविता के एक एक शब्द को आत्मसात कर रहे थे आनंद ले रहे थे। हम सब कविता के एक एक शब्द को आत्मसात कर रहे थे आनंद ले रहे थे।