Aishani Aishani
Action Fantasy
शिखर पर जा कर
कहीं अभिमान ना आ जाए
कदम कहीं डगमगा गये तो...?
फिर क्या करूँगी
कहाँ जाऊँगी..?
इसलिए...
सिफ़र पर हूँ
रहने दो
अभिमान रहित होकर
चलने का हुनर
सीखती तो रहूँगी..
हूँ..!!
रूप का चाँद.....
लिखना चाहती ह...
भूल गई हूँ..!...
धारा के विरुद...
तुम्हारी पसन्...
शिखर..!
सुनो राम..!
उसने ख़ुद को ...
नहीं बदलूँगी....
तुम बिन..!
वृक्ष अगर ना काटे होते, दो-चार ही सही लगाए होते l वृक्ष अगर ना काटे होते, दो-चार ही सही लगाए होते l
कर्म ही है दर्शन .......कर्म ही है विचार ! बिन कर्म के ....शून्य सा ..जीवन ..निस्सार कर्म ही है दर्शन .......कर्म ही है विचार ! बिन कर्म के ....शून्य सा ..जीवन .....
क्या नहीं चाहत कुछ पाने की, जिसके हम हकदार नहीं, क्या नहीं चाहत कुछ पाने की, जिसके हम हकदार नहीं,
सितम कर ले अब दुनिया, ओढ़नी मेरी तो मेरा कफ़न है। सितम कर ले अब दुनिया, ओढ़नी मेरी तो मेरा कफ़न है।
लेकिन मन को पूरा भिगो गए और वह भीतर को ही सरक गए। लेकिन मन को पूरा भिगो गए और वह भीतर को ही सरक गए।
जीत हो या हो हार चुनाव के बाद यह फिर दरवाजे ना आएंगे जीत हो या हो हार चुनाव के बाद यह फिर दरवाजे ना आएंगे
हाल बेहाल इतना सभी का यहाँ, ख़त्म होगी कभी जेठ की दोपहर। हाल बेहाल इतना सभी का यहाँ, ख़त्म होगी कभी जेठ की दोपहर।
बच्चों की नौकरी रोजगार के लिए भी जुझते है, धन-दौलत ही नहीं, सिफारिश भी ढूँढते हैं, बच्चों की नौकरी रोजगार के लिए भी जुझते है, धन-दौलत ही नहीं, सिफारिश भी ढूँढते...
पहले अपने बारे में हमें विस्तार से बताएं उसी के अनुसार रिश्ता हम दिखलाएं पहले अपने बारे में हमें विस्तार से बताएं उसी के अनुसार रिश्ता हम दिखलाएं
कोई कहेगा क्या ये सोचना है क्यों फिजूल बातों से भला डरूँ मैं क्यों कोई कहेगा क्या ये सोचना है क्यों फिजूल बातों से भला डरूँ मैं क...
गमगीन सी सूरत में क्यों फिरे महफिल में अनु l मुफ्त में मिलती मुस्कुराहट होंठों में सजा गमगीन सी सूरत में क्यों फिरे महफिल में अनु l मुफ्त में मिलती मुस्कुराहट होंठो...
नेताओं के महफूज आशियानों में जाम से जाम टकराया जाता है नेताओं के महफूज आशियानों में जाम से जाम टकराया जाता है
किस्मत देखो उसकी है आज अपने उरूज पर। सारी की सारी दुनिया ही अब उस पर निहाल है किस्मत देखो उसकी है आज अपने उरूज पर। सारी की सारी दुनिया ही अब उस पर निहाल है
पेड़ हैं तो खाद्यान्न हैं फसल हैं धन धान्य , से पूरित खेत खलिहान हैं पेड़ हैं तो खाद्यान्न हैं फसल हैं धन धान्य , से पूरित खेत खलिहान हैं
इस महल से घर में, मुझको बहुत घुटन होती है! रीति रिवाज का जीवन जीने में, इस महल से घर में, मुझको बहुत घुटन होती है! रीति रिवाज का जीवन जीने में,
थोड़ा भगवान पर भरोसा कर, जो होगा वह अच्छा ही होगा थोड़ा भगवान पर भरोसा कर, जो होगा वह अच्छा ही होगा
घर-घर दुष्ट कंस पैदा हो गए हैं। हे सुदर्शन चक्रधारी, उनका वध करने को आओ ना।। घर-घर दुष्ट कंस पैदा हो गए हैं। हे सुदर्शन चक्रधारी, उनका वध करने को आओ ना...
रोना छोड़ अब हर हाल में हमें मुस्काना है जो भी कर्ज है जिनका, वह कर्ज चुकाना हैl रोना छोड़ अब हर हाल में हमें मुस्काना है जो भी कर्ज है जिनका, वह कर्ज चुकाना ...
मैं दिखाना जानता तो राख़ मेरा मन ना होता मैं दिखाना जानता तो राख़ मेरा मन ना होता
कौन साथ देता है इस दुनिया की भीड़ में सुदर्शन, अकेले ही हर कार्य को सफल बनाना सीख लो। कौन साथ देता है इस दुनिया की भीड़ में सुदर्शन, अकेले ही हर कार्य को सफल बनान...