Aishani Aishani
Action Fantasy
शिखर पर जा कर
कहीं अभिमान ना आ जाए
कदम कहीं डगमगा गये तो...?
फिर क्या करूँगी
कहाँ जाऊँगी..?
इसलिए...
सिफ़र पर हूँ
रहने दो
अभिमान रहित होकर
चलने का हुनर
सीखती तो रहूँगी..
हूँ..!!
रूप का चाँद.....
लिखना चाहती ह...
भूल गई हूँ..!...
धारा के विरुद...
तुम्हारी पसन्...
शिखर..!
सुनो राम..!
उसने ख़ुद को ...
नहीं बदलूँगी....
तुम बिन..!
क्या होगा हाल हश्रे कयामत डरता हूं बड़ा। क्या दूंगा जवाब जब तब गुनाह कर रहा हूं।। क्या होगा हाल हश्रे कयामत डरता हूं बड़ा। क्या दूंगा जवाब जब तब गुनाह कर रहा ह...
जब तक इंसान सुधरेगा नहीं तब तक ऐसा ही चलता रहेगा। शुद्ध हवा के लिए इंसान तरसता ही रह जब तक इंसान सुधरेगा नहीं तब तक ऐसा ही चलता रहेगा। शुद्ध हवा के लिए इंसान तरस...
घर में तुम्हारी उपस्थिति हमारे माता-पिता के लिए एक सशक्त माध्यम है। घर में तुम्हारी उपस्थिति हमारे माता-पिता के लिए एक सशक्त माध्यम है।
नहीं तो अपनी डूबती हुई नैया के लिए खुद को ही कसूरवार ठहराना पड़ेगा...! नहीं तो अपनी डूबती हुई नैया के लिए खुद को ही कसूरवार ठहराना पड़ेगा.....
परमात्मा से लगा ले प्रीत, बना ले उसको ही मीत, जो ना चाहता रहना तू अकेला है। परमात्मा से लगा ले प्रीत, बना ले उसको ही मीत, जो ना चाहता रहना तू अकेला है...
अपने ध्येय-मार्ग को आगे रखकर, हर संभव कोशिश करनेवाले मौन कर्मयोगी हैं अपने ध्येय-मार्ग को आगे रखकर, हर संभव कोशिश करनेवाले मौन कर्मयोगी हैं
दिल्लगी में न टूटे दिल तो सच्चा इश्क कैसा। चलती रहती है जिंदगियां हमसफर पाती नहीं। दिल्लगी में न टूटे दिल तो सच्चा इश्क कैसा। चलती रहती है जिंदगियां हमसफर पाती ...
जिंदगी में आजमाइशें होती है खूब। पर हो लगन तो बंजर में गुल खिल जाता है।। जिंदगी में आजमाइशें होती है खूब। पर हो लगन तो बंजर में गुल खिल जाता है।।
सहर्ष कर्तव्य पालन करने की सदिच्छा को नमन करता है ! सहर्ष कर्तव्य पालन करने की सदिच्छा को नमन करता है !
दफनाने की जल्दी पड़ी, हम किसी के ना रहे।। दफनाने की जल्दी पड़ी, हम किसी के ना रहे।।
तुम बेशक़ हमारे घर की सुरक्षा-कवच हो... तुम सदैव सचेत हो... चौकन्ने हो... सजग हो. तुम बेशक़ हमारे घर की सुरक्षा-कवच हो... तुम सदैव सचेत हो... चौकन्ने...
लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदान जरूरी है। लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदान जरूरी है।
आप यूँ ही स्वसाधना में लीन रहिए... इस राष्ट्र के हित में अपना कर्तव्य निभाते रहिए... आप यूँ ही स्वसाधना में लीन रहिए... इस राष्ट्र के हित में अपना कर्तव्य न...
आप किस के मुंतजिर हो, किस लिए बेताब हो? आप किस के मुंतजिर हो, किस लिए बेताब हो?
निर्लज्ज बनकर औरों पर ये क्या क्या दोष लगाएंगे।। निर्लज्ज बनकर औरों पर ये क्या क्या दोष लगाएंगे।।
स्वर्णित अनुभवों ...अमिट ज्ञान ले, जीवन सफल बनाओ। स्वर्णित अनुभवों ...अमिट ज्ञान ले, जीवन सफल बनाओ।
विक्रम, तुम्हारा अमूल्य योगदान तपादार परिवार के लिए अमूल्य, अविस्मरणीय एवं अतुलनीय है विक्रम, तुम्हारा अमूल्य योगदान तपादार परिवार के लिए अमूल्य, अविस्मरणीय एवं...
हाँ, आप में एक नयापन आ ही चुका है...!! हाँ, आप में एक नयापन आ ही चुका है...!!
जिस पे मन आ गया उसे उठाकर ले गये जिस पे मन आ गया उसे उठाकर ले गये
असत्य कपटी है , सत्य निष्कपट है । असत्य कपटी है , सत्य निष्कपट है ।