वो देगा हिसाब अपने हिसाब से..!
वो देगा हिसाब अपने हिसाब से..!
तू कर ले हिसाब
अपने हिसाब से,
पर ऊपर वाला तुझे देगा हिसाब
अपने हिसाब से।
तू चाहे छल से जीत के
लाख झंडे गाड़ ले,
वो तौलेगा तेरी जीत को
एकदिन अपने हिसाब से।
तू चालाकी से ताज पहन
या स्वार्थ का नकाब ओढ़ ले,
वो बेनकाब करेगा तुझे
एक दिन अपने हिसाब से।
झूठ की चकाचौंध में
तू बेशक कहीं खो जाए,
वो सच से जवाब देगा
तुझे अपने हिसाब से।
तू घमंड में ऊंची उड़ान भर
या भर गुरूर दिल में,
वो कतरेगा तेरे "पर"
एकदिन अपने हिसाब से।
तू लालच कर बेहिसाब
या मेहनत को ठोकर मार दे,
वो वक्त पर तुझे देगा इनाम
एकदिन अपने हिसाब से।
कर्मों की इस धरती पर
तू जब जैसा बीज बोएगा,
फल पाएगा वही जनाब
एकदिन तू अपने हिसाब से।
चल सच्चाई की राह पर
चाहे राह कितनी कठिन हो,
वो पूरा करेगा तेरे ख्वाब
एकदिन अपने हिसाब से।
मेहनत की मशाल जला
तू रख दिल में ईमानदारी,
वो तेरे कर्मों की कुंडली खोलेगा
एकदिन अपने हिसाब से।
तू कर ले हिसाब
अपने हिसाब से,
हर पन्ना तुझे देगा जवाब
एकदिन अपने हिसाब से।
