STORYMIRROR

Nishi Bhatt

Tragedy

4.5  

Nishi Bhatt

Tragedy

वो बेवफा

वो बेवफा

1 min
614

जाते जाते वो हमें, यूँ बदनाम कर गया,

जैसे बरसो से उसने हमें, महलों में रखा था।


मांग में सिन्दूर भरने के वायदे हमसे किये,

पर मांग, किसी और की भर आया वो।


हमारे सिवा किसी और का न होने का वायदा था उसका,

पर आज, खुद ही किसी और की बाँहों में जा पंहुचा वो।


कुछ भी कहो ; पर जाते जाते वो एक काम अच्छा कर गया,

अपनी बेवफाई वो, खुद ही साबित कर गया।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy