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✨Nisha yadav✨ " शब्दांशी " ✍️

Romance

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✨Nisha yadav✨ " शब्दांशी " ✍️

Romance

वजह

वजह

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मेरे दर्दों की दवा हो

मुझे मिली एक दुआ हो

मेरा अक्स भी शायद छू ना सका

जैसे आप हवा हो

मुझमें खामियां बेहिसाब हैं

बुराइयां भी हैं कम नहीं

आप मेरी ज़िंदगी का

एक अहम हिस्सा हो

मुस्कुराहट जो आती है वक्त बेवक्त

जाने कितनी खुशियों की

आप ही वजह हो

थोड़े आंसुओं में लिपटी

सुबह और शाम की

ढलती सी रात में चांदनी की वजह हो

बेशक बेबाक सी जो दिल को छू जाए

हर बात, हर याद एक सुकून सा नशा हो

दूरियां मायने नहीं रखती हैं यहां

आपकी हर बात में खुश हूं मैं

कह लो कुछ भी अब जो चाहे आपकी रज़ा।



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