वादा
वादा
क्या वो पल
याद है तुम्हें ...?
क्या वो वादे
याद है तुम्हें ...?
शायद नहीं ....
शायद तुम सब भूल गए हो....
पर क्या करें ....
ये दिल है,
जो कुछ भी भुला नहीं पाता....।
तुमने कहा था ...
तुम मेरे सारे सपने पूरे करोगे ...
तुमने कहा था
हर हाल में तुम
मेरे साथ खड़े होंगे .....।
तुमने कहा था
कभी मेरी आंखों में
आंसू नहीं दोगे .....।
तुमने कहा था
मेरी खुशी के खातिर
तुम सारी दुनिया से लड़ जाओगे .....।
तुमने कहा था
मेरे आंसू
तुम्हें तकलीफ देते है ....।
तुमने कहा था
कभी मुझ पे ऊंची
आवाज़ नहीं करोगे ....।
तुमने वादा किया था
कुछ मेरी गलतियों को
माफ़ भी करोगे .........।
तुमने वादा किया था
हर हाल में मुझे
खुश रखोगे ...........।
तुमने तो ना जाने
कितने वादे किए थे .....।
क्या वो सब झूठ था ....?
क्या वो वादा
पानी में लकीर की तरह थी ,
वो ऐसे ही
मिट गई .........।
तुमने कहा था
मैं तुम्हारी खुशी हूं .....
तुमने कहा था मैं तुम्हारे
जमीन हूं
तुम्हारे आसमां हूं ......।
तुमने ना जाने कितने
बात बोली
और ना जाने कितने वादे किए ....।
पर आज
वो सब सिर्फ सुनने में
एक वादा ही रह गया .......।

