STORYMIRROR

Priyadarsini Das.

Tragedy

4  

Priyadarsini Das.

Tragedy

अधूरा

अधूरा

1 min
367


मैं आज भी हूं अधूरा 

तेरे लिए ....


दिल में चाहत है 

पर उसको पाने के खातिर 

तू नहीं है पास .....।


हर पल इंतजार है 

तेरे आने का ....।


दिल में ख्वाहिश तुझ में 

खो जाने का ....।


यूं तो लगता है 

तू है सिर्फ मेरी 

पर ना जाने 

क्यों ये जमाने उसको मानते नहीं ....।


यूं तो है तेरे मेरे ये रिश्ता 

सभी जन्मो के लिए 

फिर मैं अधूरा हूं 

तेरे बगैर .....।


अधूरा हूं तेरे बगैर ...।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy