Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!
Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!

Bhavna Thaker

Romance


2  

Bhavna Thaker

Romance


उसके बाद

उसके बाद

1 min 202 1 min 202

ठहरे जो तेरी एक नज़र 

झलक ही दिख जाए तेरी 

पलकें बंद कर लूँ 

न देखूँ कोई और नज़ारा

तुझे देखने के बाद

 

मेरा रुख़सार छू ले 

आगे कर हाथ 

स्पर्श पर कविता लिख दूँ 

ना छुए मुझे कोई और

उस खुशबू को पाबंद कर लूँ

तेरे छूने के बाद

 

लब पर ठहरे जो 

इश्क का आगाज़ 

तुम्हारी ओर से 

मैं उर में बसा कर 

इकरार को

खिड़की बंद कर लूँ

तेरे इज़हार के बाद

 

ज़िंदगी की शाम 

तुम्हारी आगोश में कटे

कर लो ये वादा 

मैं साँसे तुम्हारे नाम कर दूँ

तेरे वादे के बाद.!



Rate this content
Log in

More hindi poem from Bhavna Thaker

Similar hindi poem from Romance