एक धुंधली सी तस्वीर
एक धुंधली सी तस्वीर
एक धुंधली सी तस्वीर
यादों में छिपाके रखी है
गम के अंधेरों की चादर
इसपे बिछाये रखी है
ना गुमान था हमे के
हम यु ही बीखर जायेंगे
ये हमारे आसुँओं के मोती
मनाने पास तेरे आयेंगे
दिल के टुकडे जो बिखरे
फिर से समेट ना पायेंगे
उदासी भरी ये धड़कनों के
साथ रुखसत हम हो जायेंगे
अरमानों के गुलिस्तान के फूल
बीना बादल मुरझायेंगे
जुफ्तजु ना हो सकी पुरी हमारी
गमके दरिया में हम डूबते ही जायेंगे
खयालोसे तेरे अब तो
दामनको छुड़ा ना पायेंगे
यादें ही सही हम इनसे
रिश्ता सच्चा निभायेंगे।

