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Bhushan Gawale

Romance

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Bhushan Gawale

Romance

वक़्त

वक़्त

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वक़्त बस यहीं थम जाए,

तेरे हाथ में मेरा हाथ यूँ ही रह जाए !


वक़्त कब गुजर गया पता न चला ,

तेरी आँखों में आंख और हाथों में हाथ रह गया !


तेरी हर एक बात कानों में गूँजती है ,

जवानी के उन रंगीन पलों को याद दिलाती है !


सपने जो देखें थे साथ रहने के,

पूरे हो रहे इंद्रधनुष के सात रंगों से !


आज हाथों में हाथ है तेरा,

जैसे ये सारा जहाँ मेरा !


इन बूढ़ी आँखों से भले ना दिखें जहां सारा,

पर तेरी हर बातों से झलकता है ये समां सारा !


यूँ ही रहूं तेरे साथ मैं अब भूल के जहाँ सारा,

तेरे हाथ में मेरा हाथ यूं ही रह जाए,

और थम जाए ये वक़्त सारा!



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