वक़्त
वक़्त
वक़्त बस यहीं थम जाए,
तेरे हाथ में मेरा हाथ यूँ ही रह जाए !
वक़्त कब गुजर गया पता न चला ,
तेरी आँखों में आंख और हाथों में हाथ रह गया !
तेरी हर एक बात कानों में गूँजती है ,
जवानी के उन रंगीन पलों को याद दिलाती है !
सपने जो देखें थे साथ रहने के,
पूरे हो रहे इंद्रधनुष के सात रंगों से !
आज हाथों में हाथ है तेरा,
जैसे ये सारा जहाँ मेरा !
इन बूढ़ी आँखों से भले ना दिखें जहां सारा,
पर तेरी हर बातों से झलकता है ये समां सारा !
यूँ ही रहूं तेरे साथ मैं अब भूल के जहाँ सारा,
तेरे हाथ में मेरा हाथ यूं ही रह जाए,
और थम जाए ये वक़्त सारा!

