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Indu Tiwari

Fantasy


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Indu Tiwari

Fantasy


उन्मुक्त

उन्मुक्त

1 min 201 1 min 201

बहुत उन्मुक्तता भरी है इस मन में

मैं पकड़ती हूँ

तो ये बाँह छुड़ा कर भागता है

दबाती हूँ इसको तो

थोड़ी सी जगह से ही

निकलने को बेताब हो जाता है

मुश्किल हो जाता है रखना

इसको काबू में..

न जाने क्यों बहुत ही

मनमाना से हो गया है ये

मेरी मनमर्जी का अब इसे

कोई ख्याल ही नहीं

चला जा रहा है

अपनी ही मस्ती में

बहा जा रहा है 

अपनी ही भावनाओं में..



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