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Govind Narayan Sharma

Fantasy

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Govind Narayan Sharma

Fantasy

उल्फ़त

उल्फ़त

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उल्फ़त में यूँ दिल बेक़रार न करा कीजिये,

नज़रो से किसी का कत्ल न करा कीजिये !


ग़र जिस्मानी मुलाक़ात मुमकिन नही तो ,

बेवक्त ख्वाबों में ही दरयाफ्त करा कीजिये !


वक़्त से हार कर यूँ हमदम उदास न बैठिये, 

वक़्त का वक़्त तक सामना करा कीजिये !


बेवज़ह खामोशी अच्छी लगती नही जनाब, 

कुछ नही तो हमसे शिकवा ही करा कीजिये !


जब भी कोई मुकम्मल फैसला करा कीजिये, 

दिल से भी जर कभी मशवरा करा कीजिये !


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