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तूफान मे इम्तिहान

तूफान मे इम्तिहान

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तूफानों मे अकसर

घर छूट जाया करते हैं।

बेडों के टूटने से पहले

वादे टूट जाया करते हैं।


कितने मजबूत हों इरादे अखिर

साथ छूट जाया करते हैं।

मजबूरी इन्सान को इस तरह तोड़ देती है

कि बन्धन खुद टूट जाया करते हैं।


मैंने कई दफा चाँद को भागते देखा हैं

बादल पीछे छूट जाया करते हैं।

डरावनी रातों को करीब से छाना है

सितारे खुद टूट जाया करते हैं।


अपनी जगह बनाने के वास्ते

कितने-कितने दिल रूठ जाया करते हैं।

अपना दामन भरने के लिये लोग

औरों के आँगन लूट जाया करते हैं।


सच्चाई जिन्दगी की यही है कि

तूफनों मे घर टूट जाया करते हैं।

रिश्तों के इम्तिहानों में अक्सर

लोग छूट जाया करते हैं।।


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