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Ranjeeta Dhyani

Romance

4  

Ranjeeta Dhyani

Romance

तू मेरा....

तू मेरा....

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तेरे बिन ना चलें कदम

संग रहना तू मेरे हमदम

हो कभी जो ये आंखें नम

छुपाना नहीं तुम कोई ग़म


सुख-दुख की डोर बंधी साथ में

हमने कसकर पकड़ी हाथ में

कोमल कपोल खिंच गए बात में

चन्दा मुस्काया चांदनी रात में...


हंसी-ठिठोली जब जमकर होती

स्नेहयुक्त मधुर बेला वो होती

बाहुपाश में सिमटी जो होती

ज़िंदगी बहुत खुशनुमा होती


इस वक़्त में मोहब्बत-ए-इज़हार लाज़िमी है

तुझे पाकर अब ज़िंदगी में न कोई कमी है

दिल में खुशी दुगुनी और आंखों में नमी है

तू है मेरा आसमां, तू ही मेरी ज़मीं है......।



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