STORYMIRROR

Ranjeeta Dhyani

Inspirational

4  

Ranjeeta Dhyani

Inspirational

गिरधारी

गिरधारी

1 min
11

मैं तेरी राह निहारती गिरधारी

अंखियन दरस को तरसे


नाम जपत मैं हुई बावरी

नयन नीर झड़ी बरसे

तेरा रूप सलोना लागे मुझको


श्याम रंग अति भावे मुझको

मुस्कान मनोहर अधरों पर लाली

कान्हा से प्रीत मोहे लागे आली (सखी)

बंसी की धुन लुभाती मुझको


घुंघराले केश सुहाते मुझको

मोर पंख और वैजयंती माला

कानन कुंडल पहने नन्दलाला


तुम हो करुणा निधान, तुम हो दीन दयाला

तुम्हें पाकर मोहन, मन हो जाये निहाला

मझधार मे अटकी नैया, कन्हैया पार लगा देना

शरणागति मिल जाये तुम्हारी, ऐसा तार मिला देना ।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational