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Sonam Kewat

Romance

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Sonam Kewat

Romance

तुम्हें अपना मान चुकीं हूँ

तुम्हें अपना मान चुकीं हूँ

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ये बात बड़ी ही निराली है

सपनों से हकीकत की कहानी है

पहले सिर्फ तुम्हें ईश्क था अब

मैं इश्क के बारे में सब कुछ चुकीं हूँ 

तुम मुझे अपना मानो या ना मानो 

मैं तुम्हें अपना मान चुकीं हूँ !


हां दुल्हन का श्रृंगार करतीं नहीं हूँ पर 

करवा चौथ का व्रत हमेशा रखतीं हूं

ये सही है या गलत नहीं जानती पर 

मैं प्यार का स्वाद हर रोज चखती हूं

इस बार इजहार कर दूंगी तुम्हें

अब इस बात को ठान चुकीं हूँ 

तुम चाहो या ना चाहो 

मैं तुम्हें अपना मान चुकीं हूँ !


कोई सपना आए या ना आए पर 

ख्वाब तुम्हारा होना चाहिए

मैं तुम्हें सामने से ना करूंगी पर 

जवाब तुम्हारा हाँ होना चाहिए

हा, ख्वाब मेरा कुछ ऐसा है कि

दिल का राजकुमार तुम्हारे जैसा है

जब लोग हमारा किस्सा सुने तो कहें

चलो अब मिला जैसे को तैसा है

पहले सपनों और अब अपनो में

हाँ, मैं तुम्हें पहचान चुकीं हूँ

तुम चाहो या ना चाहो 

मैं तुम्हें अपना मान चुकीं हूँ!


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