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Praveen Kumar Saini "Shiv"

Romance Inspirational

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Praveen Kumar Saini "Shiv"

Romance Inspirational

तुम जो मिल गए हो

तुम जो मिल गए हो

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ना रही जीवन में कोई कमी 

जब से तुम जो मिल गए हो......

सब कुछ लगने लगा हसीन 

जब से तुम जो मिल गए हो......

चाहत की पत्तियां हरी होने लगी 

जब से तुम जो मिल गए हो......

पक्षी भी अब बैठ डालियों पर

चहचहाने लगे, मधुर गीत गाने लगे 

जब से तुम जो मिल गए हो......

हर मौसम लगने लगा सुहाना 

जब से तुम जो मिल गए हो......

वक्त भी दौड़ रहा निरंतर रफ्तार में 

जब से तुम जो मिल गए हो......

रुह भी लगने लगी तुम से 

और मैं होने लगी हूं रुहानी 

जब से तुम जो मिल गए हो......।।



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