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Praveen Kumar Saini "Shiv"

Romance

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Praveen Kumar Saini "Shiv"

Romance

तेरा हुआ

तेरा हुआ

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जिंदगी की भागदौड़ में 

जाने कब कैसे क्या हुआ 

कल तक था अजनबी सा

आज वही सब से खास हुआ 

खोने का दुःख चल रहा था 

तू तो पास ही था यह कैसे हुआ 

तुम से बढकर ना प्यारा कोई 

अब यह चर्चा खुलेआम हुआ 

मेरे बेजान शरीर में तुमने जान 

जान भर दी, बहुत अजीब हुआ 

जिंदा थे पर जिंदगी खोई हुई थी 

तेरे आने से जन्म फिर से मेरा हुआ 

रुकना नहीं, झुकना नहीं पीछे ना 

पलट जाना, तेरा शिव फिर तेरा हुआ 

बाहों में भर लो, मुझे प्रेम कर लो 

यह शिव तेरा हमसफर हुआ ।।



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