तेरे बिना
तेरे बिना
तेरे बिना अब जिंदगी का एक पल भी जीना मूनकिन नहीं फिर भी कभी जीना पड़ा तो तुम्हारी यादें, बाते ओर तुम्हारा यू मुझे समजाना, हर बात पर लड़ना, मेरा रुठना,फिर कभी बात नही करेंगे ऐसा बोलना फिर भी कुछ ही घण्टो में मेरा फिर से तुमसे बात करने लगना, वो सारे लम्हें काफ़ी है मेरे लिए तुम्हारे बिना जीने के लिए ...
तेरे बिना जीना पड़े ऐसा कोई पल मुझे नज़र नहीं आता,वैसे तो में बोल देती हूं कि तुमसे बिना मिले जिंदगी गुज़र जाएगी पर दिल कहता है हम जरूर मिलेंगे क्योंकि तेरे बिना ये जिंदगी की कहानि पूरी नही होगी ....
जब भी मे सपने देखती हूं तो हर सपनें में हर ख्याल में तेरा जिकरः ना हो ऐसा कभी हुआ नहीं तो तेरे बिना ये जिंदगी कैसे बित जाएगी ?
इंतज़ार रहेगा का जिंदगी भर मुझे तुम्हारा !!की कब हम मिलेंगे ? कब में तुमसे अपने प्यार का इज़हार करूँगी ओर कब तेरे बिना जीने वाली इश जिंदगी को में अलविदा कहूंगी ...
भले ही तुम बहोत दूर हो मुझ से पर मुझे कभी अहसास नहीं होता कि आप दूर हो, आप हमेशा ही मेरे दिल के क़रीब हो, तुम्हारी प्यारी सी आवाज़ मुझे कभी अकेले होने का अहसास नही दिलवाती ....
तेरे बिना जीना अब जीना नहीं क्योंकि तुम्हारे बिना मेरी जिंदगी की कोई कल्पना नहीं ओर मेरे बिना तुम्हारी जिंदगी का कोई अंत नहीं ...

