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संदीप सिंधवाल

Romance

3  

संदीप सिंधवाल

Romance

टेडी बियर - प्रेम उपहार

टेडी बियर - प्रेम उपहार

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दिल तुम्हें ही दे बैठा हूं 

अब टेडी बीयर देता हूं

प्रेम है तुमसे कहता आया

वही फिर दोहरा देता हूं।


सजल उन नयनों से तुम

टेडी की आंखों को देखना

यकीनन तुम्हें ही निहारती

आंखों में प्यार तुम देखना।


ओझल हो जाऊँ नज़रों से

इसे आगोश में ले के रखना

लौट आऊंगा भटक कर ही

प्रेम सौगंध पे भरोसा रखना।


ये ऊन कपास का गुड्डा नहीं

हर धागे में प्यार संजोया है

ये लेन देन का उपहार नहीं

जज्बातों से इसे पिरोया है।


प्रेम बंधन भरोसे के धागों से

नश्वर मजबूत हो जाता है 

हर साल ये टेडी देकर तुम्हें

मुझमें वही विश्वास जगाता है।



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