STORYMIRROR

संदीप कुमार

Romance

4  

संदीप कुमार

Romance

तस्वीर

तस्वीर

1 min
436

उनके इंतजार में आज भी,

पलकें बिछाये बैठे हैं,

अपने दिल के पर्दे पर,

तस्वीर उनकी बनाये बैठे हैं।


चाहे वो कभी याद भी ना करते हों,

अपने पास कभी ख्यालों में भी ना रखते हों,

पर… हर मन्नतों में आज भी,

हम… उन्हें बिठाये बैठे हैं।


वो खुश हैं कुछ लकीरें खींच के तो,

सारी उम्र उसे मिटने ना दूँगा,

पड़ी जरूरत मेरे साँसो की भी तो,

हँस के जान तेरे कदमों में रख दूँगा।


छुपाने आँसू आँखों के तेरे आज भी,

हम पहरे लगाये बैठे हैं,

अपने दिल के पर्दे पर,

तस्वीर उनकी बनाये बैठे हैं…।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance