STORYMIRROR

Arvind Tiwari

Romance

3  

Arvind Tiwari

Romance

तन्हाई का आलम

तन्हाई का आलम

1 min
0

एक ऐसा आलम भी होता है तन्हाई का
जो बायां नहीं किया जाता हर किसी के साथ
यूंही कोई अपना कोई जख्म दे जाए
तो दर्द बायां नहीं किया जाता हर किसी के साथ

एक समय था जब उसने साथ होने से होता था सुकून आज पास होकर हो रही है बेचैनी 
 न  जाने क्यों ये एहसास कुछ नया नया सा है
आज दिल का धड़कना कुछ अलग अलग सा है



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance