STORYMIRROR

Raja Singh

Tragedy

3  

Raja Singh

Tragedy

तलाश

तलाश

1 min
201

ऐ मेरी मौत !

तू कहाँ कहाँ भटका करती है ?

मैंने तुम्हें तलाशा था,

जब बाप दारू के नशे में

नंगा नाँच रहा था


ऐ मेरी मौत !

तू उस वक्त कहाँ थी ?

जब मेरी माँ दम तोड़ रही थी

और मैं गिड़गिड़ा रहा था,

शतरंज खेलते सरकारी डॉक्टर से ,

उसे देखने के लिए


ऐ मेरी मौत !

तू उस वक्त भी नहीं आई

जब मेरी बहन को

गुंडे रौंद रहे थे

और मैं बेबस

खड़ा निहार रहा था


ऐ मेरी मौत !

तू अब भी नहीं आ रही है

जबकि लोग मुझे

पागल कहकर पत्थर

मार रहे हैं..

                              

                                 



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy