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प्रतिरोध

प्रतिरोध

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मेरे दोस्त

अगर अचानक कोई शेर

तुम पर हमला कर दे

तब तुम क्या कारोगें ?

शायद तुम थर थर कांपने

लगो

या फिर

बेतहाशा दौड़ने लगो

बहुत किया तो

किसी पेड़ पर

चढ़ने की कोशिश करोगे


मगर मैं

ऐसा नहीं करूँगा

मैं आस-पास

जो कुछ भी दिखाई देगा

उस पर

मारने की कोशिश करूँगा

अगर कुछ भी न मिला तो

मुष्टि-प्रहार द्वारा ही

संघर्ष करूँगा,


हालाँकि इससे

मेरी और तुम्हारी नियति में

कोई फर्क नहीं होगा

परन्तु मरते वक्त

मेरे चेहरे पर संतोष होगा

कि काल का ग्रास

बनने से पहले

मैंने प्रतिरोध किया था

जबकि तुम

ऐसा दावा नहीं कर सकते



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