Unlock solutions to your love life challenges, from choosing the right partner to navigating deception and loneliness, with the book "Lust Love & Liberation ". Click here to get your copy!
Unlock solutions to your love life challenges, from choosing the right partner to navigating deception and loneliness, with the book "Lust Love & Liberation ". Click here to get your copy!

Tanmay Mehra

Tragedy

5.0  

Tanmay Mehra

Tragedy

तिरंगे में लिपट कर तुमने

तिरंगे में लिपट कर तुमने

1 min
276


पापा आये सरहद पार से

माँ की आँखें रोई है

तिरंगे में लिपट कर तुमने

सुधबुध अपनी खोई है।


पावन हो गयी धरा मेरी

तुमने जो सीने पर गोलियाँ बोई है

माँ मेरी बेजान पड़ी है

कैसी ये बेदर्द घड़ी है।


माँग का सिन्दूर मिटा है

हाथ की चूड़ियाँ भी टूटी पड़ी हैं

माँ का तो अब हाल बुरा है

बड़ी बहन भी बिलख पड़ी है।


लगी आँखो से असुवन की झड़ी है

पर तेरी सहादत सब से बड़ी है

गर्व है मुझे तुम पर

ये लड़ाई जो तुमने लड़ी है।


मेरी धड़कनों में है खून तेरा,

फिर भी तेरी कमी

मुझे पल पल पड़ी है।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Tragedy