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Nitu Mathur

Tragedy Inspirational

4  

Nitu Mathur

Tragedy Inspirational

कश्मीर

कश्मीर

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कितनी खूबसूरत ये तस्वीर है

ये कश्मीर है, ये कश्मीर है.....

नरम सी सीली हवा, सफेद बरफ

खूबसूरत घाटी में आधी जमी झील, 

जिसमें चलते लंबे शिकारे 

मानो बस हमें ही पुकारे, 

दिल में ठंडक और सुकुं जैसे भर गया हो

यादों का कारवां कुछ पीछे चला गया हो,

तस्वीर में रंग जेसे फीके पड गये

लंबे दरख्त आधे खड़े - आधे टूट गये, 

शैतानी दिमाग यहां हावी हो गया 

बाहरी मुल्क की बदसूरती फैला गया 

वादी में कभी छुप के, कभी बिंदास 

आतंकी हमले कर रहे 

और अपनी शहादत देकर हमारे जवान 

हमें रोज करज में डुबा रहे, 

नजारा बदला बदला सा है 

सफेद बरफ पर खून सा है, 

अमन के दुश्मनों का हरतरफ बोलबाला 

मासूमों की जान से कर रहे मुँह काला, 

दोनों मुल्कों के नवाब जूनूनी दावे कर रहे 

शकल बद से बदतर हो 

शायद इसी का इंतजार कर रहे, 

काश हमारे बस में कुछ होता....

आर या पार -ये मसला यूं हल होता, 

अंदर तक घुटी आवाम को फौरन आराम मिले

ये गुज़ारिश है रब से कि... 

वादी में जल्द ही अमन के फूल खिलें। 


               


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