STORYMIRROR

Tanmay Mehra

Tragedy

3  

Tanmay Mehra

Tragedy

नमन शहीदों को

नमन शहीदों को

1 min
12.1K

बहा कर कतरा खून का अपना

आज वो पावन कुर्बानी हो गए


लिपट कर तिरंगे के आंचल से वो 

अमर शहीद बलिदानी हो गए


लूटा दिया जान सरहद पे खुद की

खुद ही अमिट कहानी हो गए


सना कर ज़मीन को खून से अपने

वो इस रज की रजधानी हो गए


लिख दिया नाम स्वर्णिम अक्षरों से

भारत मां की तुम ऐसी निशानी हो गए


बहा कर कतरा खून का अपना

आज वो पावन कुर्बानी हो गए


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy