STORYMIRROR

Divyanshi Triguna

Abstract Romance Fantasy

3  

Divyanshi Triguna

Abstract Romance Fantasy

थाम लो हाथ बनवारी

थाम लो हाथ बनवारी

1 min
193

थाम लो हाथ बनवारी, 

नहीं फिर खो ही जाएंगे, 

यहां पर भीड़ इतनी हैं, 

कि फिर कभी मिल नहीं पाएंगे, 


संभालो हमको कृष्णा तुम, 

तुम बिन जी नहीं पाएंगे, 

सच हम कह हीं देते हैं, 

कि तुम बिन मर ही जाएंगे.......


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract