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Akshat Garhwal

Drama Romance

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Akshat Garhwal

Drama Romance

तेरी याद

तेरी याद

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गम मुझे इस बात का नहीं है

कि तू मेरे पास नहीं है, है तो बस

इस बात का कि

अब तेरी यादों में

बस मेरी याद रही है।


याद तो है तेरी

और जज्बात भी है,

पर जब हाथों को देखता हूँ

तो बस तेरा साथ नहीं है।


जब-जब तेरी याद आती है

तो खुद को एकतरफा कर लेता हूँ,

अपनी आँखों को बंद करके

तुझे ख्वाबों में पढ़ लेता हूँ।


ना जाने तेरे जाने के बाद सूना-सा हूँ मैं,

गुमशुदगी-सी लगती है कभी मुझे,

कभी तेरी यादों से आ जाती है

दो पल की हँसी मुझे।


तू मेरे जीवन की लकीर है यार

तेरे रहने से मुझ में हिम्मत है

मगर शायद तेरे बिना रहना लिखा

शायद मेरी किस्मत में।


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