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Akshat Garhwal

Romance

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Akshat Garhwal

Romance

ज़रूरत नहीं है।

ज़रूरत नहीं है।

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अभी अभी तो मिले थे

पर हम तो काफी करीब आ गए

शायद तुमसे अलग होना अभी

हमारे मुकद्दर में नहीं है।


गैरा सा हो गया यह

सूरज, खाली सा आसमां

तुझे देखने के लिए हमें

किसी उजाले की ज़रूरत नहीं है।


बसी है तू दिलो जान में

बस इतना जान ले

तुझे अपना बनाने के लिए मुझे

सात फेरों की जरूरत नहीं है।


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