STORYMIRROR

VanyA V@idehi

Romance

4  

VanyA V@idehi

Romance

बरसाती शाम में

बरसाती शाम में

1 min
11

बरसात की शाम की सुनहरी किरणें,

तेरे ख्यालों की यादों में रंग भरें,

रात की चाँदनी में खो जाना,

तेरे बिना, साज भी अधूरे लगें।


हर तारे की चमक, तेरी हँसी का प्रतीक,

हवा में तेरे प्यार की सुगंध बसी,

दिल के कोनों में बस जाए तू,

मस्तानी शाम में, तू ही मेरे ख्वाबों की कासी।


रंगीन बादलों की जुल्फों में खो जाना,

तेरे बिना, ये माहौल भी सूना लगता है,

मस्तानी शाम की खामोशी में,

तेरे प्यार की गूंज, हर पल महसूस होता है।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance