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S N Sharma

Romance

4  

S N Sharma

Romance

तुम मुझे अपना बना कर।

तुम मुझे अपना बना कर।

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दूर क्यों इतने हुए कुछ पास आकर देखते तो। 

तुम मुझे अपना बना कर मुस्कुरा कर देखते तो। 


मैं तुम्हारे वास्ते जग को भुला कर आ खड़ी थी। 

तुम मुझे एक बार तो दिल से बुला कर देखते तो। 


मैं आपकी हरइक नई परवाज की हम राह होती। 

तुम मुझे इन बादलों के उस पार आकर देखते तो


हम हुए बदनाम जब से नाम तुझ से जुड़ गया है।

तुम मेरी बदनामियों को अपना बना कर देखते तो।


याद मुझको तुम करते रहोगे मेरे चले जाने के बाद।

मेरी खातिर ये दोजहां ठुकरा के आकर देखते तो।



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