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Tej prakash pandey

Romance

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Tej prakash pandey

Romance

मन का मिलन

मन का मिलन

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मिलते -मिलते हम तुम यारा ,

साथ -साथ का न्यारा नजारा l

एक- एक बाते संभल संभल कर , 

छिप- छिप हंसना कितना प्यारा l

झूठा-झूठा गुस्सा करना ,

जिद कर-कर के अपना लड़ना l

कितनी यादें धुंधली बिखरी 

हम दोनों के अवचेतन में ,

आओ कर ले साफ उन्हें 

या फिर मिल जाए किसी सपन में 


रुक- रुक करके सांसे गिनना ,

प्यारा था वो दिल का मिलना l

बैठ रात में तारे गिनना ,

या चंदा में तुमको तकना l

यादों - यादों में खो जाना ,

सीने लग वो धड़कन सुनना l

बिखरे बिखरे इन तिनको को 

मिल के हम तुम फिर से बुन ले l

आओ कर ले साफ़ .....


 कहते कहते मौन सघन में ,

या तेरी गहरी सिसकन में l

उल्टी सीधी सी बातों में ,

फिर तेरी तिरछी चितवन में l

 गलियाँ कॉलेज देवालय में ,

या फूलों के उस उपवन में l

बंद किताबों के पन्ने को ,

हम तुम यारा फिर से पढ़ ले l

आओ कर ले साफ .......


 धीरे -धीरे वक्त ये गुजरे ,

गुजरा था जो कभी पलो में l

मीठे- मीठे ख्वाब कहाँ है ,

सींचा था जो कभी नयन ने l

बिखरे -बिखरे केश सम्हाले ,

तस्वीरों के बस देखने में l

प्रश्न अधूरे कई पड़े है ,

हम तुम मिल के क्या हल कर ले ,,

आओ कर ले साफ ......

तेजप्रकाश पांडे द्वार लिखित उपरोक्त गीत कॉपीराइट अनुबंधों के अंतर्गत है


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