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Brijlala Rohanअन्वेषी

Romance

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Brijlala Rohanअन्वेषी

Romance

खुशनुमा सुबह हसीन रातें

खुशनुमा सुबह हसीन रातें

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प्यार भरी खट्टी-मीठी बातें भी होंगी,

धड़कन से दिल की मुलाकातें भी होंगी,

बीतेंगी संग में सुकून के पल, 

आने वाला बेहद खूबसूरत होगा हमारा वो कल 

आप फलक से उतरिए तो सही मेरे दिल के आँगन में, 

हर सुबह सुहानी और हसीन रातें भी होंगी।

जिस्म से जिगर का मिलन होगा, 

रूह का धड़कन से चुम्बन होगा।

संग हम दुनिया अपनी अलग बसायेंगे ,

संग में ही हंसी- खुशी से सुकून के पल बिताएंगे।

दिल को छू जाने वाला होगा वो सरगम, 

जब आप अपनी चूडियों की खनखनाहट और पायल की छन - छन से,

वातावरण संगीतमय बनाएंगे।

उन पलों को ख्वाब में जीकर ही कितना सुकून मिलता है न !

आप कब आओगी उन ख्वाबों को हकीकत बनाने?

जल्दी से बताओ न ?

कब इक नटखट कली मेरी बगिया में खिलकर ,

मधुर मुस्कान मुस्कायेगी !

कब वो मेरी दिली तमन्ना को अमली-जामा पहनायेगी ?

सच में बेहद खूबसूरत होगा वो पल जब दिल की दहलीज से होते हुए हमारी अपनी दुनिया में आएंग ।

खट्टी-मीठी प्यार भरी बातें भी होंगी,

सुकून से दो जिस्म एक जान की मुलाकातें भी हो होंगी,

सच में कितना खूबसूरत होगा वो पल, 

जिस पल आप आएंगी हमारी अपनी दुनिया में ,

संग में हर सुबह सुहानी और हसीन रातें होंगी।



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