STORYMIRROR

Brijlala Rohanअन्वेषी

Tragedy Crime

4  

Brijlala Rohanअन्वेषी

Tragedy Crime

फातिहा मौत को नहीं जानती मगर

फातिहा मौत को नहीं जानती मगर

1 min
19

 रफाह की फातिहा को मालूम नहीं कि वो कहां जा रही है, 

उसके पिता जो कल तक उसके लिए रोज चॉकलेट लाते थे 

आज घर नहीं आये! 

न आने का कारण पूछने पर माँ ने उसे क्या बताया उसे ये भी मालूम नहीं !

नौ साल की फातिहा मौत को नहीं जानती,

मग़र उसकी माँ जानती है! 

उसने कल ही अपने पति को खोया है! 

दो दिन पहले बारह साल के बेटे को, 

और आज......

अपने बच्चे की जान बचाने के लिये वो कहीं जा रही है,

 मगर कहां उसे भी मालूम नहीं!

उंगली पकड़कर चलती फातिहा अपने खिलौने को देख रही है ,

और खिलौने फातिहा को! 

और दोनों जा रहे हैं....



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy