तेरी याद ।
तेरी याद ।
तेरी याद मुझे बहुत आती है न जाने कहां गया है तू छिप नज़र तो तू आता नहीं आज कल एक पल भी
हर घड़ी हर पल हर वक्त है मेरी निगाहें ढूंढती तुझे तुझी पे वो रहती है
हमेशा टिकी की मिल जाएगा मुझे तू कहीं पर हो जाएगा तेरी खोज पूरी
रहेगा हमेशा हर वक्त हर पल तू मेरे आंखों के सामने
नहीं हटाऊंगी तुझ पर से एक पल के लिए भी नज़र अपनी
करती हूं ये वादा मैं खुद से नहीं मैं होने तुझे कभी भी अपने आप से दूर
बस मिल जाए मुझे तू एक बार कहीं पे
याद करती हूं मैं वो बीते हुए पल वो खूबसूरत लम्हे जो है
किसी के लिए भी होगा भूलना बड़ा ही मुश्किल
थे वो पल बड़े ही यादगार बड़े ही खूबसूरत जब हुआ
मैं करती थी तुम्हारे साथ बांटती रहती थी तुम्हारे साथ हर सुख दुःख के पल हर छोटी मोटी बात
कैसे भूल सकती हूं मैं वो सारे दिन जब से बने तुम थे
मेरे सबसे अच्छे दोस्त कॉलेज के वक्त से जब थे हम हमेशा साथ
तो आज कैसे हो गए अलग कैसे चले गए तुम मुझे बिना बताए विदेश
जिसका है नहीं मुझे कोई पता ना ही है मेरे पास उसका कोई ठिकाना
की रहते कहां हो तुम करते कौन से कंपनी में तुम हो काम
और गए कितने दिन कितने महीने कितने साल के लिए हो
बस पता मुझे तुम्हारे बचपन के दोस्त से सिर्फ चला इतना है की
चले हो तुम गए हो विदेश जो बात चलनी थी मुझे तुमसे पता
वो मुझे चलती है तुम्हारे दोस्त से पता क्या है तुम्हें मुझसे कोई नाराज़गी
जो चले गए तुम मुझे कुछ भी बिना बताए और नाही करते हो तुम मुझे याद
ना है मेरे पास तुम्हारे विदेश का फ़ोन नंबर ना है किसी शहर
किसी जगह की जानकारी जहां रहते तुम हो ना है तुम्हारे बचपन के दोस्त को इसके बारे में पता
जाने से पहले विदेश आखिर था क्या मन में तुम्हारे जो बता कर गए
नहीं तुम किसी को अपने विदेश यात्रा के बारे में जिसका
अगर हो गया होता इल्म दूर मैं वो कर देती तुम्हारी हर गलतफहमी
अब बस है मुझे इतना ही पता की याद आते हो तुम मुझे
बहुत तुम्हारी हर वो बातें तुम्हारी हर मस्ती हर मुलाकातें आते हैं
मुझे याद जिनके साथ गुज़ार रही हूं मैं अपना सारा वक्त जो में पहले दिया करती थी तुम्हें ।

