STORYMIRROR

Hitesh pal

Romance

4  

Hitesh pal

Romance

तेरी याद पिया

तेरी याद पिया

1 min
241

सारी रात तेरी याद आए पिया

तेरी यादो मे मेरा मन गुमशुद हो जाए

तुम्हारा मिलना रोज़ हमें राहों मे

प्यार दर्शाता था तुम्हारी निगाहों मे

मंद मंद मुस्कुरा कर चली जाती थी राहों मे.

तेरी याद रोज़ आती हे रातों मे- ।


कभी खिड़कीयो से झाँकना तो

कभी घर की छत पर आना

कोई देख ना ले इस तरह 

इशारो मे अपना संदेश पहुँचाना.

याद आता हे अभी भी वो पल बार- बार

तेरी याद रोज़ आती हे रातों मे- ।।


बिताये थे जो पल एक साथ रह कर

याद आ रहे आज तुमसे जुदा होकर

तुम्हारा वो नाराज़ हो जाना

कई दिनों तक न मिलने आना

फिर भी तुम्हें मनाना याद आता हे आज रोज़ाना.

तेरी याद रोज़ आती हे रातों मे- ।।


हम तो तुमसे दूर हो गये और तुम हमसे

फिर ये मन कहता हे हमसे

तुम दिल के समीप हो हमसे

अब कोन इसे समझाये

यादें सिर्फ़ सपनों मे ही आती हे.

तेरी याद रोज़ आती हे रातों मे - ।।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance