STORYMIRROR

Hitesh pal

Abstract

2  

Hitesh pal

Abstract

मेरी कामयाबी

मेरी कामयाबी

1 min
181

मेरी कामयाबी पर लोग क्यूँ जलते हैं

ऐसा तो क्या किया मैंने 

जो मुझसे दूर चलते हैं

बस मेहनत किये जा रहा हूँ

अपने सपनों को सज़ा रहा हूँ

दिल मे न घृणा किसी से

न किसी से बैर मुझको 

हर किसी को कामयाबी 

की दुआ दिये जा रहा हूँ

मैं तो राही हूँ बस चले जा रहा हूँ ।।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract