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Hitesh pal

Drama

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Hitesh pal

Drama

मेरा जन्म

मेरा जन्म

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मेने मायारूपी संसार मे आज ही के दिन जन्म लिया था

मेरे रूदन से लोगो के चहरे पर मुस्कुराहट झलक रही थी


मैं दर्द से छटपटा रहा था इधर उधर नज़रें घूमा रहा था 

सोच रहा था कहा आ गया हु मे जहाँ लोगो को दर्द में


देख लोग जश्न मनाते हैं नाचते गाते हैं बधाई देते हैं

फिर एक कोमल हाथ मेरी तरफ़ आया उसने मुझे


प्यार से सहलाया अपनी गोद मे ले मुझे छाती से लगाया

मेरे रूदन को समझ छटपट अपना दूध मुझे पिलाया


तब मेरे अंतर्मन में सवाल आया कि यह कौन है जो

मेरा दुख समझ पाया और मुझे अपने गले लगाया


तब मेरी आत्मा ने मुझे बताया कि ये माँ है, ये माँ है।


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