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ARVIND KUMAR SINGH

Romance Tragedy Action

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ARVIND KUMAR SINGH

Romance Tragedy Action

तेरी मां को आने दे

तेरी मां को आने दे

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लाज शरम सब

ताक में रख दी

कैसा तू हरजाई है

आते जाते सारे देखें

मेरी आफत आई है


छोड़ दे मेरी चुनरी

जालिम मुझको जाने दे

नहीं तो करूंगी शिकायत

तेरी मां को आने दे


चूनर खींच कलाई पकड़ी

क्‍या अब तेरी मर्जी है

तोड़ दीं तूने सारी सीमा

ये कैसी खुदगर्जी है


प्‍यार मोहब्‍बत गर तू जाने

तो शर्म हया भी पहचान

वादा ले ले कभी मिलन का

पर आज तू कहना मान


देर हो गई बहुत रे जालिम

अब तो मुझको जाने दे

नहीं तो करूंगी शिकायत

तेरी मां को आने दे।


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