तेरे इन्तजार में
तेरे इन्तजार में
अब थक चुकी हैं आंखें, तेरे इन्तजार में।
गम उम्र भर का ले लिया, दो पल के प्यार में।
सदियाँ गुजार दी हैं मैंने, राहे वफ़ा में
भुला हूँ तेरे प्यार में, घाटा नफा में
तेरी तस्वीर का करता हूँ सजदा, सौ सौ बार में।
गम उम्र भर का ले लिया, दो पल के प्यार में।
हालत को मेरी देखकर, हँसते हैं राहगीर
गम सहने की रही नहीं, इस देह में तासीर
कहते हैं लोग पागल मुझे, क्यों सरे बाजार में।
गम उम्र भर का ले लिया, दो पल के प्यार में।
भुला हूँ अपने आप को, जब से जुदा हो तुम
कर दे मुझे रब माफ़ पर, मेरी खुदा हो तुम
मंजूर है आँखों को थकना क्यों तेरे दीदार में।
गम उम्र भर का ले लिया दो पल के प्यार में।
पत्थर जहाँ के हाथ में, मजनूँ सा हाल है।
फटेहाल हो गया हूँ, फिर भी तेरा ख्याल है।
तेरी हर अदा पे हूँ, अब भी निसार में।
गम उम्र भर का ले लिया, दो पल के प्यार में।

