सूना बचपन
सूना बचपन
वह किसी की गोद मे चढ़ता,
अपनों के कपड़े गंदे करता,
पहले सहारे से और
फ़िर एक दिन ख़ुद चलता
लड़खड़ाती चाल से चीज़ें बिगाड़ता,
फ़िर तुतलाती जुबां से मदद को पुकारता,
बड़े भाई - बहिन पर गुस्सा उतारता
स्कूल ना जाने की जिद करता,
कार्टून्स देखने के लिए लड़ मरता
छुपकर डब्बे मे कीडे - मकोडे पालता,
क्या होता है देखने के लिए
पौधों मे शैंपू का पानी डालता
2 और 2 को जोड़ ना पता,
नई फिल्मों के ग़लत गाने गाता
पर उसने ऐसा कुछ नहीं किया,
शायद दूसरे अनाथों की तरह
वो भी बचपन मे बड़ा हो गया।
