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सुन कान्हा

सुन कान्हा

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सुन कान्हा, तू फिर से आना

बुलाये संसार रे

कर दे तू, हमारा बेड़ा पार रे ...


माँ धरती कहती है, कान्हा आजा

हो रहा, अत्याचार रे

तू आजा और, कर जा बेड़ा पार रे ...

सुन कान्हा....


लड़कियाँ कहती है, कान्हा आजा

हो रहे , बलात्कार रे ,

तू आके दिखला जा चमत्कार रे ।।

सुन कान्हा ....


जनता कहती है, कान्हा आजा

हो रहे, अत्याचार रे

तू आके दिला जा इंसाफ रे

सुन कान्हा....


माई बाप कहते है कान्हा आजा

हो रहे हम, लाचार रे

तू आके समझा दे हमारा प्यार रे

सुन कान्हा.....


गरीब कहता है कान्हा आजा

हो रहे, बेरोज़गार रे

तू आके दिला जा रोज़गार रे

सुन कान्हा ....


नारी कहती है कान्हा आजा

करो ना, अब विचार रे

तू आके दिला जा राधा सा प्यार रे

सुन कान्हा.....


"जसवंत" कहता है कान्हा आजा

करता सुदामा, जैसी आस रे

तू आके बना दे मुझे यार रे

सुन कान्हा ...


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