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Shakshi Kumari

Romance Others

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Shakshi Kumari

Romance Others

संग हम-तुम

संग हम-तुम

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जहां महकने लगी जब हम तुम संग आए ,

कलियां खिलने लगी जब हम-तुम संग मुस्कराए ।।


मुझे सूरज में लाली गहरी लगने लगी ,

चांद भी दमकने लगा जब मैं और तुम , हम बन कर संग गुनगुनाएं ।।


प्यार की एहसास मैं जब हम एक दूसरे में समाएं ,

कोयल मोर पपीहा संग में मनोहार मृदंग वो गाए ।।


मौसम भी संग नृत्य करें , बाद बरखा बरसाए 

 सावन में हरियाली देखो चारों दिशा लहराएं ।।


संग हम दोनों का रहना , हर पल मेरे मन को हर्षाए  

तुम जब हो साथ मेरे तो ये पूरा जहान मेरे दिल में ही मिल जाए ।।



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