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Shakshi Kumari

Romance Tragedy

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Shakshi Kumari

Romance Tragedy

रास्ता तेरे इंतज़ार का

रास्ता तेरे इंतज़ार का

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जब से गया छोड़ के, हर रोज राह निहारती हूँ।       

तू आएगा एक दिन लौट के इसी आसरे में जिंदगी गुजारती हूँ।


हर पल संग बिताए तेरी यादें में हर पल दोहराती हूं।    

 दिन रात, हर लम्हा तेरे इंतज़ार में गुजारती हूं ।।


आंखों के आंसू को लोगों के सामने आने से छुपाती हूं    

रास्ता तेरी ताकती हूं मगर, किसी और के सामने मुस्कुराती हूं ।।


इंतजार में तेरे हर दिन तेरी नाम गुनगुनाती हूं          

कोई पूछले अगर तो संगीत का बहाना बताती हूं ।।


दिल के दर्द ना जाने हर पल, हर दिन मैं सबसे कैसे छुपाती हूं ।

रास्ता तेरे इंतज़ार में हर पल निहारती हूं ।।



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