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Avinash Mishra

Drama

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Avinash Mishra

Drama

सियासत के रंग अनेक

सियासत के रंग अनेक

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480

सियासत में ना तो दोस्ती की उम्र लंबी

ना ही दुश्मनी की रेखा होती है बहुत लंबी।


मतलब है जिससे, वही बनता है हमसफर

मतलब निकलते ही जुदा हो जाती है डगर।


जो शख्स एक-एक पल लगता है अपना

गजरे हुए पल में वह हो जाता है बेगाना।


सियासत चीज ही ऐसी अनोखा है भाई

कभी बहार तो कभी दे देती है तन्हाई।


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