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Avinash Mishra

Drama

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Avinash Mishra

Drama

सियासत के रंग अनेक

सियासत के रंग अनेक

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सियासत में ना तो दोस्ती की उम्र लंबी

ना ही दुश्मनी की रेखा होती है बहुत लंबी।


मतलब है जिससे, वही बनता है हमसफर

मतलब निकलते ही जुदा हो जाती है डगर।


जो शख्स एक-एक पल लगता है अपना

गजरे हुए पल में वह हो जाता है बेगाना।


सियासत चीज ही ऐसी अनोखा है भाई

कभी बहार तो कभी दे देती है तन्हाई।


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