Avinash Mishra
Romance
तू सच थी या कोई सपना।
क्यों नहीं हो सकी अपना।।
क्यों तोड़ दिया हर सपना।
तुझ में ही था जहां अपना।।
हर महफिल में तू थी अपनी।
फिर क्यों छोड़ चली तन्हा।।
जग में किसको कहूं अपना।
अपनों का संग हो गया सपना।।
Avinash
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खाली कमरे में सिर्फ यादें रह जाती है, ये मोहब्बत भी कहीं छुप सी जाती है। खाली कमरे में सिर्फ यादें रह जाती है, ये मोहब्बत भी कहीं छुप सी जाती है।
आपकी बातों से न जाने क्यूँ एक राहत, एक सुकून सा मिलता है। आपकी बातों से न जाने क्यूँ एक राहत, एक सुकून सा मिलता है।
कुछ दूर तुम चलो कुछ मैं चलूं बस साथ ऐसे तुम चलते रहना। कुछ दूर तुम चलो कुछ मैं चलूं बस साथ ऐसे तुम चलते रहना।
जीवन संचार की परस्पर व्यवहार की हवा भरी है हम पहियों में। जीवन संचार की परस्पर व्यवहार की हवा भरी है हम पहियों में।
इश्क की बारिश ,सर्द रातों में, दरख़्त झुके हुए से, इजहार करते। इश्क की बारिश ,सर्द रातों में, दरख़्त झुके हुए से, इजहार करते।
यूँ ही कभी - कभी, मैं तुझे जगा देती हूँ, दबे एहसास फिर से, यूँ ही कभी - कभी, मैं तुझे जगा देती हूँ, दबे एहसास फिर से,
हम अक्सर खुद को यही समझाया करते हैं आप नही हैं हमारे दिल को बताया करते हैं। हम अक्सर खुद को यही समझाया करते हैं आप नही हैं हमारे दिल को बताया करते हैं।
कभी रिश्ते में अलग-अलग विचार, व्यवहार, उनके रिश्ते में खटास का कारण सदा बनती। कभी रिश्ते में अलग-अलग विचार, व्यवहार, उनके रिश्ते में खटास का कारण सदा बनती...
बस इस दिल में तुम्हारी नज़र चाहता हूँ, मैं अपने दिल की बात तुमसे कहना चाहता हूँ... बस इस दिल में तुम्हारी नज़र चाहता हूँ, मैं अपने दिल की बात तुमसे कहना चाहता हू...
आंसू पोंछ कर मैं तेरी मुस्कान देखना चाहती हूं। आंसू पोंछ कर मैं तेरी मुस्कान देखना चाहती हूं।
कभी ना मिल पाए हम तो गम ना करना मुझे याद करके अपनी आंखे नम ना करना। कभी ना मिल पाए हम तो गम ना करना मुझे याद करके अपनी आंखे नम ना करना।
यादों के श्रृंगार से संवरना चाहती हूं आपकी सांसों में महकना चाहती हूं। यादों के श्रृंगार से संवरना चाहती हूं आपकी सांसों में महकना चाहती हूं।
हम नादान आशिक़ तेरे , आखों से ही मेरे प्रेम को समझ लो ना. हम नादान आशिक़ तेरे , आखों से ही मेरे प्रेम को समझ लो ना.
बस यूँ ही , कुछ दूर तक चलते रहे हम। बस यूँ ही , कुछ दूर तक चलते रहे हम।
बस आ जाओ मेरे पास बहुत पास, जहाँ कमबख्त याद खत्म हो जाए। बस आ जाओ मेरे पास बहुत पास, जहाँ कमबख्त याद खत्म हो जाए।
मतवाले सुर हैं सुरीले, जो चैन चुरा ले किसी के । मतवाले सुर हैं सुरीले, जो चैन चुरा ले किसी के ।
आवाज़ दे रहा हूं मैं कब से तुम्हें मांग लूंगा मैं रब से। आवाज़ दे रहा हूं मैं कब से तुम्हें मांग लूंगा मैं रब से।
मुझे इतना याद न करो सनम जोर जोर से हिचकियां जो आने लगी हैं। मुझे इतना याद न करो सनम जोर जोर से हिचकियां जो आने लगी हैं।
दिल में मेरे अहसास को सजाया करो मेरी बातें अपने लहज़े में बताया करो। दिल में मेरे अहसास को सजाया करो मेरी बातें अपने लहज़े में बताया करो।